Q.1: 'खड़ेरों की ढाणी' को लोग किस नाम से भी जानते थे?
Q.2: राजस्थान में वर्षा की मात्रा नापने के लिए किस शब्द का प्रयोग किया जाता है?
Q.3: जो लोग चेजा का काम करते हैं, वे क्या कहलाते हैं?
Q.4: राजस्थान की रजत बूँदें पाठ हमें क्या संदेश देता है?
Q.5: मरुभूमि में रेत के कणों की क्या विशेषता होती है?
Q.6: खींप क्या है?
Q.7: भूजल (Groundwater) जो कुओं में मिलता है और प्रायः खारा होता है, उसे क्या कहते हैं?
Q.8: खड़िया पट्टी के कारण कौन सा पानी पाताल पानी में मिलने से बच जाता है?
Q.9: कुंई की चिनाई में एक दिन में कितनी घास की रस्सी बन जाती है?
Q.10: मरुभूमि में रेत के कणों का एक-दूसरे से न चिपकना क्या लाभ देता है?
Q.11: राजस्थान में जल संरक्षण की यह अद्भुत कला किस पीढ़ी की देन है?
Q.12: कुंई की गहराई नापने के लिए किस शब्द का प्रयोग किया जाता है?
Q.13: 'चेजा' का अर्थ है?
Q.14: राजस्थान में कुंई खोदने वाले लोगों को क्या कहा जाता है?
Q.15: कुंई का मुख्य उद्देश्य किस पानी को इकट्ठा करना है?
Q.16: राजस्थान में सीधे बरसात से मिलने वाले पानी को क्या कहते हैं?
Q.17: रेजाणी पानी की प्रकृति कैसी होती है?
Q.18: पुराने समय में चेजारो को वर्ष भर के कृषि उत्पादन में जो हिस्सा दिया जाता था, उसे क्या कहते थे?
Q.19: कुंई से पानी निकालने के लिए किसका प्रयोग किया जाता है?
Q.20: राजस्थान में कुंई की सफलता को क्या माना जाता है?
Q.21: 'राजस्थान की रजत बूँदें' पाठ के लेखक कौन हैं?
Q.22: कुंई पर किसका नियंत्रण होता है?
Q.23: पालर पानी और पाताल पानी के बीच का तीसरा रूप कौन सा है?
Q.24: पालर पानी को कहाँ इकट्ठा किया जाता है?
Q.25: कुंई के मुहाने पर चड़स खींचने के लिए लगी घिरनी को क्या कहते हैं?
Q.26: राजस्थान के किस क्षेत्र में खड़िया पट्टी को 'खड़ी' भी कहा जाता है?
Q.27: अनुपम मिश्र किस क्षेत्र में अपने काम के लिए प्रसिद्ध हैं?
Q.28: कुंई की चिनाई (दीवार बनाने) के लिए मुख्य रूप से किसका प्रयोग किया जाता है?
Q.29: 'कुंई' स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग?
Q.30: जहाँ खड़िया पट्टी नहीं होती, वहाँ कुंई क्यों नहीं बनाई जाती?
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