पेपर कोड: #420 | कुल प्रश्न: 24 | नेगेटिव मार्किंग: 0 | समय: 25 मिनट | कठिनाई स्तर: सामान्य
देखकर बाधा विविध, बहु विघ्न घबराते नहीं। रह भरोसे भाग के, दुख भोग पछताते नहीं। काम कितना ही कठिन हो, किन्तु उकताते नहीं। भीड़ में चंचल बने जो, वीर दिखलाते नहीं। हो गए एक आन में, उनके बुरे दिन भी भले। सब जगह सब काल में, वे ही मिले फूले फले। आज करना है जिसे, करते उसे हैं आज ही। सोचते कहते हैं जो कुछ, कर दिखाते हैं वही।
समय बहुत मूल्यवान है। यह बीत जाए तो कभी लौटकर नहीं आता। धन खो जाए तो पुनः कमाया जा सकता है, स्वास्थ्य बिगड़ जाए तो दवा से सुधारा जा सकता है, लेकिन बीता हुआ समय किसी भी मूल्य पर वापस नहीं लाया जा सकता। इसलिए समय का सदुपयोग करना चाहिए। जो व्यक्ति समय का मूल्य समझता है, वही जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को छूता है। विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और भी अधिक है। जो छात्र आज समय को नष्ट कर रहा है, कल समय उसे नष्ट कर देगा। आलस्य समय का सबसे बड़ा शत्रु है। हमें कल का काम आज और आज का काम अभी कर लेना चाहिए, जैसा कि कबीरदास जी ने कहा है- "काल करे सो आज कर, आज करे सो अब।" समय का प्रबंधन ही सफलता की कुंजी है।
प्रकृति ने हमें शुद्ध हवा, जल, और हरियाली दी है, लेकिन मानव ने अपने स्वार्थ और आधुनिकता की अंधी दौड़ में पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाया है। आज प्रदूषण एक विकराल समस्या बन चुका है। वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण ने मानव जीवन को संकट में डाल दिया है। कारखानों से निकलने वाला जहरीला धुआँ और नदियों में प्रवाहित किया जाने वाला रासायनिक कचरा पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और नई-नई बीमारियाँ उत्पन्न हो रही हैं। यदि हमने समय रहते प्रकृति के संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में पृथ्वी पर जीवन खतरे में पड़ जाएगा। हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए और प्राकृतिक संसाधनों का सीमित व उचित उपयोग करना चाहिए।
खड़ा हिमालय बता रहा है, डरो न आंधी-पानी में। खड़े रहो तुम अविचल होकर, सब संकट तूफानी में। डिगो न अपने प्रण से तो तुम, सब कुछ पा सकते हो प्यारे। तुम भी ऊँचे उठ सकते हो, छू सकते नभ के तारे। अचल रहा जो अपने पथ पर, लाख मुसीबत आने में। मिली सफलता जग में उसको, जीने में मर जाने में।