Q.1: 'नहिं पराग नहिं मधुर मधु, नहिं विकास इहि काल। अली कली ही सौं बिंध्यौ, आगे कौन हवाल।।' - यह प्रसिद्ध दोहा किस अलंकार का उदाहरण है?
Q.2: जहाँ अप्रस्तुत (उपमान) के वर्णन के माध्यम से प्रस्तुत (उपमेय) का ज्ञान कराया जाए, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?
Q.3: 'नाच अचानक ही उठे, बिनु पावस बन मोर।' - इस काव्य पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार पहचानिए।
Q.4: 'नीर भरे नित प्रति रहें, तऊ न प्यास बुझाई।' - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
Q.5: 'कुमुदिनी हूँ प्रफुल्लित भई साँझ कलानिधि जोई।' - इस पंक्ति में 'कलानिधि' शब्द के कारण कौन-सा अलंकार उत्पन्न हो रहा है?
Q.6: 'सिंधु सेज पर धरावधू, अब तनिक संकुचित बैठी-सी।' - इसमें कौन-सा अलंकार है?
Q.7: जहाँ उपमेय को उपमान से श्रेष्ठ बताया जाए और उसका कारण भी दिया जाए, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?
Q.8: 'माली आवत देखकर, कलियन करी पुकार। फूले-फूले चुन लिए, काल्हि हमारी बार।।' - इसमें कौन-सा अलंकार है?
Q.9: अन्योक्ति और समासोक्ति अलंकार में मुख्य अंतर क्या है?
Q.10: 'उतरि नहाए जमुन जल, जो सरीर सम स्याम।' - यहाँ कौन-सा अलंकार है?
Q.11: जहाँ उपमेय और उपमान के वाक्यों में बिंब-प्रतिबिंब भाव होता है, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?
Q.12: प्रतीप और व्यतिरेक अलंकार में मुख्य अंतर क्या है?
Q.13: विभावना और विशेषोक्ति अलंकार में क्या संबंध है?
Q.14: 'सिय मुख समता किमि करै, चंद बापुरो रंक।' - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
Q.15: जहाँ कारण के न होने पर भी कार्य का होना पाया जाए, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?
Q.16: जहाँ प्रस्तुत (उपमेय) के वर्णन में समान विशेषणों के कारण अप्रस्तुत (उपमान) का भी अर्थ निकले, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?
Q.17: 'जिन दिन देखे वे कुसुम, गई सु बीति बहार। अब अलि रही गुलाब में, अपत कँटीली डार।।' - इसमें किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
Q.18: जहाँ कारण के उपस्थित होने पर भी कार्य का न होना पाया जाए, वहाँ कौन-सा अलंकार होता है?
Q.19: 'निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय। बिन पानी साबुन बिना, निरमल करे सुभाय।।' - इसमें किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?
Q.20: 'साधु ऊंचे शैल सम, किंतु प्रकृति सुकुमार।' - इसमें कौन-सा अलंकार है?
Q.21: 'संत हृदय नवनीत समाना। कहा कबिन्ह परि कहै न जाना।। निज परिताप द्रवै नवनीता। पर दुख द्रवहहिं सुपुनीत विनीता।।' - इसमें कौन-सा अलंकार है?
Q.22: 'पानी बिच मीन पियासी। मोहि सुनि-सुनि आवै हाँसी।।' - यहाँ कौन-सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?
Q.23: 'एक म्यान में दो तलवारें कभी नहीं रह सकती हैं। किसी और पर प्रेम नारियाँ पति का क्या सह सकती हैं।।' - प्रयुक्त अलंकार है:
Q.24: 'जिनके जसु परताप के आगे, ससि मलिन रबि सीतल लागे।' - इसमें प्रयुक्त अलंकार है:
Q.25: 'करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान। रसरी आवत जात ते सिल पर परत निसान।।' - यह किस अलंकार का उदाहरण है?
Q.26: 'उसी तपस्वी से लंबे थे देवदारू दो-चार खड़े।' - इसमें कौन-सा अलंकार है?
Q.27: 'बिनु पद चलै सुनै बिनु काना। कर बिनु कर्म करै विधि नाना।।' - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
Q.28: 'फूलैं-फलैं न बेत, जदपि सुधा बरषहिं जलद।' - इसमें अलंकार बताइए।
Q.29: 'सठ सुधरहिं सतसंगति पाई। पारस परस कुधात सुहाई।।' - यह किस अलंकार का उदाहरण है?
Q.30: उपमा अलंकार का उल्टा (विपरीत) अलंकार किसे कहा जाता है?
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