Q.1: 'कविता एक खेल है बच्चों के बहाने' पंक्ति का भाव है-
Q.2: 'बात और भी पेचीदा होती चली गई' क्यों?
Q.3: 'बात सीधी थी पर' कवितांश का वर्ण्य-विषय है-
Q.4: 'कविता के पंख लगा उड़ने के माने' क्या है?
Q.5: 'कविता के बहाने' कविता में किस-किस की तुलना की गई है?
Q.6: "सब घर एक कर देने के माने" पंक्ति का आशय है-
Q.7: कवि कुँवर नारायण की प्रमुख रचना है-
Q.8: "तमाशबीनों की शाबाशी और वाह-वाह" पंक्ति में 'वाह-वाह' कौन करते हैं?
Q.9: 'कविता के बहाने' कविता का उद्देश्य है-
Q.10: कविता एवं फूल में क्या समानता होती है?
Q.11: भाषा को सहूलियत से बरतने का आशय है-
Q.12: 'बात की चूड़ी मर गई' - बात की चूड़ी मरने पर क्या परिणाम निकलते हैं?
Q.13: 'बात सीधी थी पर' कविता में किस पर व्यंग्य किया गया?
Q.14: कविता की उड़ान होती है-
Q.15: "बिना मुरझाये महकने के माने" पंक्ति का आशय है-
Q.16: 'कुँवर नारायण' का जन्म कब हुआ?
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