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लोक नृत्य एवं लोक नाट्य
395
(डेमो)
पेपर कोड:
#395
| कुल प्रश्न:
40
| नेगेटिव मार्किंग:
0
| समय:
30 मिनट
| कठिनाई स्तर:
सामान्य
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डेमो परीक्षार्थी
आईडी:
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Q.1:
कथन (A): वालर (Walar) नृत्य को 'गरासियों का घूमर' कहा जाता है।
कारण (R): यह नृत्य गरासिया पुरुषों और महिलाओं द्वारा अर्द्धवृत्त (Half-circle) बनाकर बिना किसी वाद्य यंत्र के बहुत धीमी गति से किया जाता है।
उपर्युक्त के संदर्भ में सही विकल्प का चयन कीजिए:
A)
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
B)
(A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
C)
(A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
D)
(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
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Q.2:
कथन (A): जालौर का 'ढोल नृत्य' राजस्थान का एक प्रसिद्ध वीर रसात्मक नृत्य है, जिसमें पुरुष भारी ढोल बजाते हुए तलवार या डंडे के साथ नृत्य करते हैं।
कारण (R): यह नृत्य ऐतिहासिक रूप से कानड़देव चौहान की अलाउद्दीन खिलजी पर विजय (1311 ई.) की स्मृति में शुरू हुआ था।
A)
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) का सही कारण है।
B)
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) का सही कारण नहीं है।
C)
(A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
D)
(A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।
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Q.3:
लोक नाट्य की 'रम्मत' (Rammat) शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रम्मत की शुरुआत बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्र से मानी जाती है।
2. इसका आयोजन फाल्गुन मास (होली के अवसर) पर किया जाता है।
3. रम्मत का मंचन करने वाले कलाकारों को 'खेलार' कहा जाता है।
4. 'तेज कवि' जैसलमेर के एक प्रसिद्ध रम्मत कलाकार थे जिन्होंने 'स्वतंत्र बावन' नामक रम्मत की रचना की थी।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?
A)
1, 2 और 3
B)
2, 3 और 4
C)
1, 3 और 4
D)
1, 2, 3 और 4
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Q.4:
जालौर के 'ढोल नृत्य' को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का श्रेय किस राजस्थानी नेता/सांस्कृतिक साधक को दिया जाता है?
A)
मोहनलाल सुखाड़िया
B)
जयनारायण व्यास (Jaynarayan Vyas)
C)
भैरोंसिंह शेखावत
D)
कोमल कोठारी
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Q.5:
गरासिया जनजाति के लोक नृत्यों का सही समूह (Group) कौन-सा है?
A)
वालर, मांदल, लूर, कूद, जवारा, मोरिया
B)
गैर, गवरी, हाथीमना, द्विचक्री, नेजा
C)
शिकारी, लहंगी, झेला, इन्द्रपरी
D)
इण्डोणी, शंकरिया, बागड़िया, पणिहारी
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Q.6:
राजस्थानी लोक नाट्य में 'गवरी' के मंचन को समाप्त करने की प्रक्रिया (अंतिम दिन का अनुष्ठान) क्या कहलाती है?
A)
वलावण (Valawan)
B)
थाकना (Thakna)
C)
माच (Maach)
D)
सिंजारा (Sinjara)
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Q.7:
'गवरी' (Gavari) लोक नाट्य जिसे 'राई' (Rai) भी कहा जाता है, के विषय में कौन-सा तथ्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से असत्य है?
A)
यह मेवाड़ क्षेत्र में भील जनजाति द्वारा किया जाने वाला एक धार्मिक लोक नाट्य है।
B)
यह सावन-भादों मास में लगातार 40 दिन तक दिन के समय खेला जाता है।
C)
इसकी मूल कथा शिव (पूरिया) और भस्मासुर के पौराणिक आख्यान पर आधारित है।
D)
इसमें महिला पात्रों की भूमिका महिलाएं ही निभाती हैं और यह केवल रात्रि में आयोजित होता है।
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Q.8:
ऐतिहासिक शासक राव चंद्रसेन (मारवाड़) और महाराणा प्रताप (मेवाड़) के समकालीन मुगल प्रतिरोध के दौरान, किन लोक जातियों ने अपने नृत्यों और लोक गाथाओं (पवाड़ों) के माध्यम से जनता में राष्ट्र प्रेम और शौर्य का संचार किया?
A)
भवाई और गरासिया
B)
चारण, भाट और ढाढ़ी
C)
कालबेलिया और नट
D)
सहरिया और मीणा
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Q.9:
कथन (A): भीलों का 'नेजा' (Neja) नृत्य एक खेल नृत्य (Sports Dance) की श्रेणी में आता है।
कारण (R): यह नृत्य होली के तीसरे दिन किया जाता है, जिसमें मैदान के बीच एक लकड़ी का खंभा गाड़कर उस पर नारियल बांधा जाता है। पुरुष उस नारियल को उतारने का प्रयास करते हैं और महिलाएं उन्हें कोड़े/छड़ियों से रोकती हैं।
A)
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
B)
(A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
C)
(A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
D)
(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
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Q.10:
निम्नलिखित लोक नृत्यों को उनकी प्रकृति के अनुसार सुमेलित कीजिए:
1. अग्नि नृत्य (Agni Dance)
2. चरी नृत्य (Chari Dance)
3. गैर नृत्य (Gair Dance)
4. मांदल नृत्य (Mandal Dance)
सूची-II (नृत्य की प्रकृति/संबंध):
i. जसनाथी संप्रदाय (बीकानेर) के सिद्ध पुरुषों द्वारा धधकते अंगारों पर
ii. गरासिया महिलाओं द्वारा वृत्ताकार रूप में
iii. गुर्जर महिलाओं द्वारा सिर पर प्रज्वलित मटका रखकर
iv. भील पुरुषों द्वारा होली के अवसर पर लकड़ी की छड़ियों के साथ
कूट:
A)
1-i, 2-iii, 3-iv, 4-ii
B)
1-i, 2-iv, 3-iii, 4-ii
C)
1-iv, 2-iii, 3-i, 4-ii
D)
1-ii, 2-i, 3-iv, 4-iii
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Q.11:
सूची-I (ख्याल/लोक नाट्य) को सूची-II (मुख्य कथानक/कथा) से सुमेलित कीजिए:
1. हेला ख्याल
2. तुर्रा-कलंगी
3. कुचामनी ख्याल
4. रम्मत
सूची-II:
i. शिव-पार्वती संवाद और काव्यात्मक दंगल
ii. अमरसिंह राठौड़, डूंगजी-जवाहरजी, फक्कड़ दातारी
iii. चांद नीलगिरी, राव रिड़मल, मीरा मंगल
iv. धार्मिक, पौराणिक और सामाजिक विषयों पर लंबी आवाज (टेर) लगाना
कूट:
A)
1-iv, 2-i, 3-iii, 4-ii
B)
1-iv, 2-i, 3-ii, 4-iii
C)
1-i, 2-iv, 3-iii, 4-ii
D)
1-ii, 2-iii, 3-i, 4-iv
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Q.12:
निम्नलिखित में से कौन-सा लोक नृत्य 'कालबेलिया' (सपेरा) जाति का नहीं है, जिसे यूनेस्को (UNESCO) की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची (2010) में शामिल किया गया था?
A)
इण्डोणी
B)
पणिहारी
C)
चरी
D)
शंकरिया
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Q.13:
सहरिया (Sahariya) जनजाति के नृत्यों के संदर्भ में कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
A)
शिकारी नृत्य - पुरुषों द्वारा शिकार का अभिनय करते हुए किया जाने वाला वीर रसात्मक नृत्य
B)
लहंगी नृत्य - केवल महिलाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य
C)
झेला नृत्य - फसल पकने पर किया जाने वाला युगल नृत्य
D)
हाथीमना नृत्य - सहरिया पुरुषों द्वारा विवाह के अवसर पर घुटनों के बल किया जाने वाला नृत्य
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Q.14:
मध्यकालीन राजस्थान में नाटकों/ख्यालों के लिए खुले मैदान में जो लकड़ी का मंच बनाया जाता था, उसे क्या कहा जाता था?
A)
अखाड़ा
B)
माच (Maach) / पाटा
C)
रम्मत
D)
गोठ
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Q.15:
कथन (A): राजस्थान का 'घूमर' (Ghoomar) राज्य का सिरमौर नृत्य और राज्य नृत्य (State Dance) कहलाता है।
कारण (R): यह मूल रूप से भील जनजाति द्वारा माता सरस्वती की आराधना में किया जाता था, जिसे बाद में राजपूताना के राजघरानों की महिलाओं ने शालीनता (मर्यादा) के साथ अपना लिया।
A)
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
B)
(A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
C)
(A) सही है, लेकिन (R) गलत है।
D)
(A) गलत है, लेकिन (R) सही है।
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Q.16:
राजस्थान के किस लोक नृत्य में नर्तक अपने सिर पर सात-आठ पीतल के मटके रखकर और नंगी तलवारों/कांच के टुकड़ों पर नृत्य करने का अद्भुत कौशल प्रदर्शित करते हैं?
A)
तेरहताली नृत्य
B)
भवाई नृत्य
C)
कालबेलिया नृत्य
D)
कच्छी घोड़ी नृत्य
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Q.17:
सूची-I (क्षेत्रीय लोक नृत्य) को सूची-II (क्षेत्र/जिला) से सुमेलित कीजिए:
1. डांग नृत्य
2. नाहर नृत्य
3. बम नृत्य
4. बिन्दोरी नृत्य
सूची-II:
i. भीलवाड़ा (मांडल)
ii. झालावाड़
iii. राजसमंद (नाथद्वारा)
iv. भरतपुर - अलवर
कूट:
A)
1-iii, 2-i, 3-iv, 4-ii
B)
1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i
C)
1-iii, 2-ii, 3-iv, 4-i
D)
1-i, 2-iii, 3-iv, 4-ii
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Q.18:
मेव जनजाति (मेवात क्षेत्र) के दो प्रमुख लोक नृत्य कौन-से हैं, जिनमें से एक पुरुषों-महिलाओं का युगल नृत्य है और दूसरा केवल महिलाओं द्वारा किया जाता है?
A)
चरी और झूमर
B)
रणबाजा और रतवई
C)
हाथीमना और नेजा
D)
पेजण और चकरी
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Q.19:
लोक नाट्य 'भवाई' के प्रसिद्ध कलाकार 'बाघाजी' (Baghaji) का संबंध राजस्थान के किस जिले से था?
A)
केकड़ी (अजमेर)
B)
उदयपुर
C)
बाड़मेर
D)
बीकानेर
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Q.20:
निम्नलिखित लोक नृत्यों को उनसे संबंधित जनजातियों के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-I (लोक नृत्य):
1. वालर (Walar)
2. शिकार (Shikar)
3. चरी (Chari)
4. चकरी (Chakri)
सूची-II (जनजाति/जाति):
i. गुर्जर
ii. कंजर
iii. सहरिया
iv. गरासिया
कूट:
A)
1-iv, 2-iii, 3-i, 4-ii
B)
1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii
C)
1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i
D)
1-ii, 2-iv, 3-iii, 4-i
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Q.21:
लोक नाट्यों की 'भवाई' (Bhavai) शैली के संदर्भ में, इसके प्रसिद्ध नाटकों (प्रहसनों) का कौन-सा समूह सही है?
A)
जस्मा ओडण, सगाजी-सगीजी, बीकाजी-बाघाजी
B)
गोपीचंद, भर्तृहरि, हीर-रांझा
C)
रम्मत, नौटंकी, रासलीला
D)
अमरसिंह राठौड़ का ख्याल, चांद नीलगिरी
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Q.22:
मारवाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नृत्य 'झांझी' (Jhanjhi) मुख्य रूप से कब और किसके द्वारा किया जाता है?
A)
विवाह के अवसर पर पुरुषों द्वारा
B)
होली के अवसर पर महिलाओं द्वारा
C)
मारवाड़ क्षेत्र की महिलाओं द्वारा छोटी-छोटी मटकियों (जिनमें छिद्र होते हैं) के साथ किया जाने वाला नृत्य
D)
कालबेलिया पुरुषों द्वारा सांप पकड़ते समय
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Q.23:
भील जनजाति द्वारा विवाह के अवसर पर घुटनों के बल बैठकर तलवारों के साथ किया जाने वाला वीर रसात्मक लोक नृत्य कौन-सा है?
A)
हाथीमना
B)
गैर
C)
नेजा
D)
रमणी
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Q.24:
'तेरहताली' (Terah Taali) नृत्य के उद्भव और विकास के ऐतिहासिक संदर्भ में सत्य तथ्य है:
A)
इसकी उत्पत्ति पादरला गाँव (पाली) से मानी जाती है।
B)
यह नृत्य रामदेवजी के मेले का मुख्य आकर्षण है, जिसे कामड़ जाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है।
C)
इस नृत्य की प्रसिद्ध नृत्यांगना मांगी बाई थीं, जिन्होंने 1954 में गाड़िया लोहार सम्मेलन (चित्तौड़गढ़) में जवाहरलाल नेहरू के समक्ष इसकी प्रस्तुति दी थी।
D)
उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।
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Q.25:
राजस्थान की 'नौटंकी' (Nautanki) लोक नाट्य कला के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका सर्वाधिक प्रभाव भरतपुर, धौलपुर और करौली (पूर्वी राजस्थान) क्षेत्रों में है।
2. राजस्थान में नौटंकी कला के प्रवर्तक डीग (भरतपुर) के भूरीलाल को माना जाता है, जबकि गिरिराज प्रसाद इसके प्रसिद्ध कलाकार हैं।
3. इसे 'हाथरसी' और 'कानपुरी' शैलियों के प्रभाव से विकसित माना जाता है।
4. नौटंकी में मुख्य रूप से 9 प्रकार के वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?
A)
1, 2 और 3
B)
1, 3 और 4
C)
2, 3 और 4
D)
1, 2, 3 और 4
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Q.26:
अलीबख्शी ख्याल (Alibakshi Khyal) का संबंध किस रियासत से था और इसे 'राजस्थान का रसखान' क्यों कहा जाता है?
A)
मारवाड़ - क्योंकि इसमें कृष्ण लीलाओं का मारवाड़ी अनुवाद किया गया।
B)
अलवर (मुंडावर) - मुंडावर के ठिकानेदार राव राजा अलीबख्श ने कृष्ण भक्ति और लोक नाट्य को संरक्षण दिया, इसलिए उन्हें अलवर का रसखान कहा गया।
C)
टोंक - क्योंकि यह नवाबों की नगरी थी।
D)
जयपुर - क्योंकि प्रताप सिंह ने इसे प्रश्रय दिया।
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Q.27:
मारवाड़ के ऐतिहासिक लोक नाट्य 'तुर्रा-कलंगी' (Turra-Kalangi) ख्याल की उत्पत्ति और उसके प्रतीकों के संबंध में सत्य कथन का चयन कीजिए:
A)
यह मेवाड़ क्षेत्र (चित्तौड़गढ़/निम्बाहेड़ा) में लोकप्रिय है, जिसके प्रवर्तक हिंदू संत तुकनगीर और मुस्लिम पीर शाह अली थे।
B)
तुर्रा 'शिव' का प्रतीक है (तुकनगीर का झंडा भगवा) और कलंगी 'पार्वती' का प्रतीक है (शाह अली का झंडा हरा)।
C)
यह एकमात्र ऐसा ख्याल है जिसका मंचन ऊंचे रंगमंच (माच) पर होता है और दर्शक इसमें भाग ले सकते हैं।
D)
उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।
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Q.28:
लोक नाट्य 'ख्याल' (Khyal) की विभिन्न शैलियों और उनके प्रवर्तकों/प्रमुख कलाकारों की सूची को कालक्रमानुसार या उद्भव क्षेत्र के अनुसार सुमेलित कीजिए:
1. कुचामनी ख्याल
2. शेखावाटी/चिड़ावा ख्याल
3. हेला ख्याल
4. अलीबख्शी ख्याल
सूची-II (प्रवर्तक/मुख्य कलाकार/क्षेत्र):
i. मुंडावर (अलवर) - नवाब अलीबख्श
ii. लालसोट (दौसा) / सवाई माधोपुर - हेला शायर
iii. कुचामन (डीडवाना-कुचामन) - लक्षीराम
iv. चिड़ावा (झुंझुनू) - नानूराम / दुलिया राणा
कूट:
A)
1-iii, 2-iv, 3-ii, 4-i
B)
1-iv, 2-iii, 3-i, 4-ii
C)
1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii
D)
1-ii, 2-iv, 3-iii, 4-i
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Q.29:
शेखावाटी क्षेत्र के 'गींदड़' (Gindad) नृत्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
A)
यह नृत्य होली के अवसर पर डांडा रोपने से लेकर होली दहन तक किया जाता है।
B)
यह केवल पुरुषों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है जिसमें वे नगाड़े की ताल पर वृत्ताकार रूप में डंडे टकराते हुए नाचते हैं।
C)
इस नृत्य में जो पुरुष महिलाओं के वस्त्र पहनकर (स्त्री पात्र) भाग लेते हैं, उन्हें 'गणगौर' या 'मेहरी' कहा जाता है।
D)
यह एक पेशेवर (व्यावसायिक) नृत्य है जो मुख्य रूप से विवाह के अवसर पर आय अर्जित करने के लिए किया जाता है।
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Q.30:
'माच का ख्याल' (Maach ka Khyal) मुख्य रूप से राजस्थान के किस क्षेत्र में लोकप्रिय है और इसके प्रवर्तक कौन थे?
A)
मेवाड़ (भीलवाड़ा) - बक्षुलाल खमेरा
B)
शेखावाटी (सीकर) - दुलिया राणा
C)
हाड़ौती (कोटा) - नानूराम
D)
मारवाड़ (जोधपुर) - लक्षीराम
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Q.31:
'कच्छी घोड़ी' (Kachhi Ghodi) नृत्य के संबंध में सत्य कथन का चयन कीजिए:
1. यह शेखावाटी, डीडवाना और कुचामन क्षेत्र का एक प्रसिद्ध व्यावसायिक नृत्य है।
2. इसमें बांस की खपच्चियों और कपड़े से बनी कृत्रिम घोड़ी (Kachhi Ghodi) को कमर में बांधकर नर्तक युद्ध कला का प्रदर्शन करते हैं।
3. यह नृत्य करते समय नर्तक पंक्तिबद्ध होकर आगे-पीछे हटते हैं जिससे 'फूल के खिलने और बंद होने' (Opening and closing of a lotus flower) का पैटर्न बनता है।
कूट:
A)
केवल 1 और 2
B)
केवल 2 और 3
C)
केवल 1 और 3
D)
1, 2 और 3
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Q.32:
भीलों के प्रसिद्ध लोक नाट्य 'गवरी' (राई) के पात्रों और उनकी शब्दावली से संबंधित कौन-सा युग्म असत्य है?
A)
राइया (Raiya) - महिला पात्रों (पार्वती) की भूमिका निभाने वाले पुरुष
B)
पुरिया (Puriya) - भगवान शिव की भूमिका निभाने वाला मुख्य पात्र, जो भस्मासुर का भी प्रतीक है
C)
खड़क्या (Khadakya) - सूत्रधार या जोकर जो प्रसंगों को जोड़ता है और हास्य पैदा करता है
D)
झामट्या (Jhamatya) - गवरी का मुख्य गायक जो केवल रामायण के श्लोक पढ़ता है
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Q.33:
राजस्थान की 'रम्मत' (Rammat) कला के प्रमुख केंद्रों (बीकानेर और जैसलमेर) में क्या बुनियादी अंतर है?
A)
जैसलमेर में रम्मतें केवल महिलाओं द्वारा खेली जाती हैं, जबकि बीकानेर में केवल पुरुषों द्वारा।
B)
बीकानेर में रम्मतें 'पाटा' (लकड़ी के बड़े तख्त) संस्कृति पर आधारित हैं जहाँ चौक में मंचन होता है, जबकि जैसलमेर में रम्मतें खुले अखाड़े या गली-मोहल्लों में बिना पाटे के अधिक होती हैं।
C)
बीकानेर की रम्मतों में धार्मिक विषय होते हैं, जबकि जैसलमेर में ऐतिहासिक।
D)
जैसलमेर की रम्मतों में वाद्य यंत्रों का प्रयोग वर्जित है।
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Q.34:
'चारबैत' (Charbaid/Charbait) लोक नाट्य विद्या राजस्थान के किस जिले में सर्वाधिक लोकप्रिय है, जो मूल रूप से पठानी (अफगानी) मूल की है?
A)
अलवर
B)
भरतपुर
C)
टोंक
D)
अजमेर
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Q.35:
'पेजण' (Pejan) नृत्य राजस्थान के किस क्षेत्र में और किस अवसर पर किया जाता है?
A)
शेखावाटी में होली के अवसर पर
B)
वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) में दीपावली के अवसर पर
C)
मेवात में फसल कटाई पर
D)
मारवाड़ में घुड़ला के अवसर पर
विकल्प साफ़ करें
Q.36:
'द्विचक्री' (Dwichakri) नृत्य के संबंध में सत्य कथन का चयन कीजिए:
A)
यह कालबेलियों का एक व्यावसायिक नृत्य है।
B)
यह भील जनजाति के पुरुष और महिलाओं द्वारा विवाह के अवसर पर दो वृत्ताकार घेरे बनाकर किया जाने वाला नृत्य है।
C)
यह कंजर जाति की महिलाओं द्वारा किया जाने वाला तीव्र गति का चक्राकार नृत्य है।
D)
यह गरासियों का मृत्यु के समय किया जाने वाला शोक नृत्य है।
विकल्प साफ़ करें
Q.37:
'चारबैत' लोक नाट्य, जो टोंक क्षेत्र में प्रसिद्ध है, में किस वाद्य यंत्र का मुख्य रूप से प्रयोग किया जाता है?
A)
नगाड़ा
B)
डफ (Daf)
C)
रावणहत्था
D)
सारंगी
विकल्प साफ़ करें
Q.38:
कंजर (Kanjar) जनजाति का वह कौन-सा तीव्र चक्राकार नृत्य है, जो हाड़ौती क्षेत्र (कोटा-बूंदी) में कुंवारी कन्याओं द्वारा 80 कली का घाघरा पहनकर किया जाता है?
A)
चरी नृत्य
B)
धाकड़ नृत्य
C)
चकरी नृत्य (Chakri Dance)
D)
पेजण नृत्य
विकल्प साफ़ करें
Q.39:
मध्यकालीन राजपूताना के शासकों के समय विकसित 'तमाशा' (Tamasha) लोक नाट्य शैली के विषय में कौन-सा कथन सत्य है?
A)
यह मूल रूप से गुजरात का लोक नाट्य है जो मेवाड़ के महाराणा राजसिंह के समय राजस्थान आया।
B)
इसकी शुरुआत जयपुर के शासक सवाई प्रताप सिंह के समय महाराष्ट्र (पुणे) के बंशीधर भट्ट द्वारा की गई।
C)
यह एक विशुद्ध धार्मिक नाट्य है जो केवल मंदिरों के प्रांगण में खेला जाता है।
D)
इसमें स्त्री पात्रों की भूमिका सदैव पुरुषों द्वारा ही निभाई जाती है।
विकल्प साफ़ करें
Q.40:
लोक नाट्य 'स्वांग' (Swang/बहरूपिया कला) के संबंध में असत्य कथन का चयन कीजिए:
A)
इसमें पौराणिक या ऐतिहासिक पात्रों की वेशभूषा धारण कर उनका अभिनय (नकल) किया जाता है।
B)
परशुराम जी (केलवा, राजसमंद) और जानकीलाल भांड (भीलवाड़ा) इसके विश्व प्रसिद्ध कलाकार हैं। जानकीलाल भांड को 'मंकी मैन' (Monkey Man) भी कहा जाता है।
C)
यह एक विशुद्ध बंद कमरे (थिएटर) का नाट्य है, जिसे खुले में नहीं किया जाता।
D)
इस कला को जीवित रखने वालों को 'भांड' कहा जाता है।
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