Q.1: कथन (A): वालर (Walar) नृत्य को 'गरासियों का घूमर' कहा जाता है।
कारण (R): यह नृत्य गरासिया पुरुषों और महिलाओं द्वारा अर्द्धवृत्त (Half-circle) बनाकर बिना किसी वाद्य यंत्र के बहुत धीमी गति से किया जाता है।
उपर्युक्त के संदर्भ में सही विकल्प का चयन कीजिए:
Q.2: कथन (A): जालौर का 'ढोल नृत्य' राजस्थान का एक प्रसिद्ध वीर रसात्मक नृत्य है, जिसमें पुरुष भारी ढोल बजाते हुए तलवार या डंडे के साथ नृत्य करते हैं।
कारण (R): यह नृत्य ऐतिहासिक रूप से कानड़देव चौहान की अलाउद्दीन खिलजी पर विजय (1311 ई.) की स्मृति में शुरू हुआ था।
Q.3: लोक नाट्य की 'रम्मत' (Rammat) शैली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रम्मत की शुरुआत बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्र से मानी जाती है।
2. इसका आयोजन फाल्गुन मास (होली के अवसर) पर किया जाता है।
3. रम्मत का मंचन करने वाले कलाकारों को 'खेलार' कहा जाता है।
4. 'तेज कवि' जैसलमेर के एक प्रसिद्ध रम्मत कलाकार थे जिन्होंने 'स्वतंत्र बावन' नामक रम्मत की रचना की थी।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?
Q.4: जालौर के 'ढोल नृत्य' को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का श्रेय किस राजस्थानी नेता/सांस्कृतिक साधक को दिया जाता है?
Q.5: गरासिया जनजाति के लोक नृत्यों का सही समूह (Group) कौन-सा है?
Q.6: राजस्थानी लोक नाट्य में 'गवरी' के मंचन को समाप्त करने की प्रक्रिया (अंतिम दिन का अनुष्ठान) क्या कहलाती है?
Q.7: 'गवरी' (Gavari) लोक नाट्य जिसे 'राई' (Rai) भी कहा जाता है, के विषय में कौन-सा तथ्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से असत्य है?
Q.8: ऐतिहासिक शासक राव चंद्रसेन (मारवाड़) और महाराणा प्रताप (मेवाड़) के समकालीन मुगल प्रतिरोध के दौरान, किन लोक जातियों ने अपने नृत्यों और लोक गाथाओं (पवाड़ों) के माध्यम से जनता में राष्ट्र प्रेम और शौर्य का संचार किया?
Q.9: कथन (A): भीलों का 'नेजा' (Neja) नृत्य एक खेल नृत्य (Sports Dance) की श्रेणी में आता है।
कारण (R): यह नृत्य होली के तीसरे दिन किया जाता है, जिसमें मैदान के बीच एक लकड़ी का खंभा गाड़कर उस पर नारियल बांधा जाता है। पुरुष उस नारियल को उतारने का प्रयास करते हैं और महिलाएं उन्हें कोड़े/छड़ियों से रोकती हैं।
Q.10: निम्नलिखित लोक नृत्यों को उनकी प्रकृति के अनुसार सुमेलित कीजिए:
1. अग्नि नृत्य (Agni Dance)
2. चरी नृत्य (Chari Dance)
3. गैर नृत्य (Gair Dance)
4. मांदल नृत्य (Mandal Dance)
सूची-II (नृत्य की प्रकृति/संबंध):
i. जसनाथी संप्रदाय (बीकानेर) के सिद्ध पुरुषों द्वारा धधकते अंगारों पर
ii. गरासिया महिलाओं द्वारा वृत्ताकार रूप में
iii. गुर्जर महिलाओं द्वारा सिर पर प्रज्वलित मटका रखकर
iv. भील पुरुषों द्वारा होली के अवसर पर लकड़ी की छड़ियों के साथ
कूट:
Q.11: सूची-I (ख्याल/लोक नाट्य) को सूची-II (मुख्य कथानक/कथा) से सुमेलित कीजिए:
1. हेला ख्याल
2. तुर्रा-कलंगी
3. कुचामनी ख्याल
4. रम्मत
सूची-II:
i. शिव-पार्वती संवाद और काव्यात्मक दंगल
ii. अमरसिंह राठौड़, डूंगजी-जवाहरजी, फक्कड़ दातारी
iii. चांद नीलगिरी, राव रिड़मल, मीरा मंगल
iv. धार्मिक, पौराणिक और सामाजिक विषयों पर लंबी आवाज (टेर) लगाना
कूट:
Q.12: निम्नलिखित में से कौन-सा लोक नृत्य 'कालबेलिया' (सपेरा) जाति का नहीं है, जिसे यूनेस्को (UNESCO) की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची (2010) में शामिल किया गया था?
Q.13: सहरिया (Sahariya) जनजाति के नृत्यों के संदर्भ में कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
Q.14: मध्यकालीन राजस्थान में नाटकों/ख्यालों के लिए खुले मैदान में जो लकड़ी का मंच बनाया जाता था, उसे क्या कहा जाता था?
Q.15: कथन (A): राजस्थान का 'घूमर' (Ghoomar) राज्य का सिरमौर नृत्य और राज्य नृत्य (State Dance) कहलाता है।
कारण (R): यह मूल रूप से भील जनजाति द्वारा माता सरस्वती की आराधना में किया जाता था, जिसे बाद में राजपूताना के राजघरानों की महिलाओं ने शालीनता (मर्यादा) के साथ अपना लिया।
Q.16: राजस्थान के किस लोक नृत्य में नर्तक अपने सिर पर सात-आठ पीतल के मटके रखकर और नंगी तलवारों/कांच के टुकड़ों पर नृत्य करने का अद्भुत कौशल प्रदर्शित करते हैं?
Q.17: सूची-I (क्षेत्रीय लोक नृत्य) को सूची-II (क्षेत्र/जिला) से सुमेलित कीजिए:
1. डांग नृत्य
2. नाहर नृत्य
3. बम नृत्य
4. बिन्दोरी नृत्य
सूची-II:
i. भीलवाड़ा (मांडल)
ii. झालावाड़
iii. राजसमंद (नाथद्वारा)
iv. भरतपुर - अलवर
कूट:
Q.18: मेव जनजाति (मेवात क्षेत्र) के दो प्रमुख लोक नृत्य कौन-से हैं, जिनमें से एक पुरुषों-महिलाओं का युगल नृत्य है और दूसरा केवल महिलाओं द्वारा किया जाता है?
Q.19: लोक नाट्य 'भवाई' के प्रसिद्ध कलाकार 'बाघाजी' (Baghaji) का संबंध राजस्थान के किस जिले से था?
Q.20: निम्नलिखित लोक नृत्यों को उनसे संबंधित जनजातियों के साथ सुमेलित कीजिए:
सूची-I (लोक नृत्य):
1. वालर (Walar)
2. शिकार (Shikar)
3. चरी (Chari)
4. चकरी (Chakri)
सूची-II (जनजाति/जाति):
i. गुर्जर
ii. कंजर
iii. सहरिया
iv. गरासिया
कूट:
Q.21: लोक नाट्यों की 'भवाई' (Bhavai) शैली के संदर्भ में, इसके प्रसिद्ध नाटकों (प्रहसनों) का कौन-सा समूह सही है?
Q.22: मारवाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नृत्य 'झांझी' (Jhanjhi) मुख्य रूप से कब और किसके द्वारा किया जाता है?
Q.23: भील जनजाति द्वारा विवाह के अवसर पर घुटनों के बल बैठकर तलवारों के साथ किया जाने वाला वीर रसात्मक लोक नृत्य कौन-सा है?
Q.24: 'तेरहताली' (Terah Taali) नृत्य के उद्भव और विकास के ऐतिहासिक संदर्भ में सत्य तथ्य है:
Q.25: राजस्थान की 'नौटंकी' (Nautanki) लोक नाट्य कला के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसका सर्वाधिक प्रभाव भरतपुर, धौलपुर और करौली (पूर्वी राजस्थान) क्षेत्रों में है।
2. राजस्थान में नौटंकी कला के प्रवर्तक डीग (भरतपुर) के भूरीलाल को माना जाता है, जबकि गिरिराज प्रसाद इसके प्रसिद्ध कलाकार हैं।
3. इसे 'हाथरसी' और 'कानपुरी' शैलियों के प्रभाव से विकसित माना जाता है।
4. नौटंकी में मुख्य रूप से 9 प्रकार के वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?
Q.26: अलीबख्शी ख्याल (Alibakshi Khyal) का संबंध किस रियासत से था और इसे 'राजस्थान का रसखान' क्यों कहा जाता है?
Q.27: मारवाड़ के ऐतिहासिक लोक नाट्य 'तुर्रा-कलंगी' (Turra-Kalangi) ख्याल की उत्पत्ति और उसके प्रतीकों के संबंध में सत्य कथन का चयन कीजिए:
Q.28: लोक नाट्य 'ख्याल' (Khyal) की विभिन्न शैलियों और उनके प्रवर्तकों/प्रमुख कलाकारों की सूची को कालक्रमानुसार या उद्भव क्षेत्र के अनुसार सुमेलित कीजिए:
1. कुचामनी ख्याल
2. शेखावाटी/चिड़ावा ख्याल
3. हेला ख्याल
4. अलीबख्शी ख्याल
सूची-II (प्रवर्तक/मुख्य कलाकार/क्षेत्र):
i. मुंडावर (अलवर) - नवाब अलीबख्श
ii. लालसोट (दौसा) / सवाई माधोपुर - हेला शायर
iii. कुचामन (डीडवाना-कुचामन) - लक्षीराम
iv. चिड़ावा (झुंझुनू) - नानूराम / दुलिया राणा
कूट:
Q.29: शेखावाटी क्षेत्र के 'गींदड़' (Gindad) नृत्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
Q.30: 'माच का ख्याल' (Maach ka Khyal) मुख्य रूप से राजस्थान के किस क्षेत्र में लोकप्रिय है और इसके प्रवर्तक कौन थे?
Q.31: 'कच्छी घोड़ी' (Kachhi Ghodi) नृत्य के संबंध में सत्य कथन का चयन कीजिए:
1. यह शेखावाटी, डीडवाना और कुचामन क्षेत्र का एक प्रसिद्ध व्यावसायिक नृत्य है।
2. इसमें बांस की खपच्चियों और कपड़े से बनी कृत्रिम घोड़ी (Kachhi Ghodi) को कमर में बांधकर नर्तक युद्ध कला का प्रदर्शन करते हैं।
3. यह नृत्य करते समय नर्तक पंक्तिबद्ध होकर आगे-पीछे हटते हैं जिससे 'फूल के खिलने और बंद होने' (Opening and closing of a lotus flower) का पैटर्न बनता है।
कूट:
Q.32: भीलों के प्रसिद्ध लोक नाट्य 'गवरी' (राई) के पात्रों और उनकी शब्दावली से संबंधित कौन-सा युग्म असत्य है?
Q.33: राजस्थान की 'रम्मत' (Rammat) कला के प्रमुख केंद्रों (बीकानेर और जैसलमेर) में क्या बुनियादी अंतर है?
Q.34: 'चारबैत' (Charbaid/Charbait) लोक नाट्य विद्या राजस्थान के किस जिले में सर्वाधिक लोकप्रिय है, जो मूल रूप से पठानी (अफगानी) मूल की है?
Q.35: 'पेजण' (Pejan) नृत्य राजस्थान के किस क्षेत्र में और किस अवसर पर किया जाता है?
Q.36: 'द्विचक्री' (Dwichakri) नृत्य के संबंध में सत्य कथन का चयन कीजिए:
Q.37: 'चारबैत' लोक नाट्य, जो टोंक क्षेत्र में प्रसिद्ध है, में किस वाद्य यंत्र का मुख्य रूप से प्रयोग किया जाता है?
Q.38: कंजर (Kanjar) जनजाति का वह कौन-सा तीव्र चक्राकार नृत्य है, जो हाड़ौती क्षेत्र (कोटा-बूंदी) में कुंवारी कन्याओं द्वारा 80 कली का घाघरा पहनकर किया जाता है?
Q.39: मध्यकालीन राजपूताना के शासकों के समय विकसित 'तमाशा' (Tamasha) लोक नाट्य शैली के विषय में कौन-सा कथन सत्य है?
Q.40: लोक नाट्य 'स्वांग' (Swang/बहरूपिया कला) के संबंध में असत्य कथन का चयन कीजिए:
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