Q.1: मध्यकालीन राजपूत शासक महाराजा मानसिंह (जोधपुर) के सांगीतिक योगदान के संदर्भ में सत्य कथन है:
Q.2: राजस्थानी लोक संगीत में 'लावणी' (Lawani) से क्या तात्पर्य है?
Q.3: हाड़ौती क्षेत्र (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) का वह लोकप्रिय लोकगीत कौन-सा है, जिसमें एक पत्नी जिसे बिच्छू ने काट लिया है और वह मरने वाली है, अपने पति को दूसरा विवाह करने का संदेश देती है?
Q.4: 'गोरबंद' (Gorbhand) लोकगीत का संबंध मुख्य रूप से किससे है?
Q.5: लोकवाद्य 'मोरचंग' के संबंध में सत्य कथन का चयन कीजिए:
Q.6: निम्नलिखित लोकगीतों और उनकी प्रकृति/गायन शैली का कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?
Q.7: जैसलमेर क्षेत्र में गाया जाने वाला 'जोरावा' (Jorawa) किस प्रकार का लोकगीत है?
Q.8: ' हवेली संगीत' (Haveli Sangeet) राजस्थान के किस संप्रदाय और क्षेत्र की एक विशिष्ट सांगीतिक परंपरा है, जिसमें शास्त्रीय और लोक दोनों तत्वों का सुंदर समन्वय है?
Q.9: कथन (A): राजस्थान में 'भक्ति लोक संगीत' को दो प्रमुख भागों में बांटा गया है - सगुण (हरजस) और निर्गुण (वाणी/सबद)।
कारण (R): राम और कृष्ण की भक्ति में गाए जाने वाले पद 'हरजस' कहलाते हैं, जबकि दादू दयाल, कबीर और रामदेवजी जैसे संतों के लोकगीत 'निर्गुण' श्रेणी में आते हैं।
Q.10: लोकगीत 'रतन राणो' (Ratan Rana) का संबंध मुख्य रूप से किस क्षेत्र से है?
Q.11: राजस्थानी लोकगीत 'जीरो' (Zero) की मूल विषय-वस्तु क्या है?
Q.12: 'रतवई' (Ratwai) और 'रणबाजा' (Ranbaja) लोकगीत राजस्थान के किस क्षेत्र के लोक संगीत का हिस्सा हैं?
Q.13: 'पीपली' लोकगीत राजस्थान के किस क्षेत्र में और किस अवसर पर गाया जाता है?
Q.14: राजस्थान का वह प्रसिद्ध लोकगीत कौन-सा है, जिसमें एक पतिव्रता स्त्री द्वारा अपने धर्म पर अडिग रहने और किसी अनजान व्यक्ति के प्रलोभन में न आने का आदर्श प्रस्तुत किया गया है?
Q.15: कथन (A): मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा संगीत पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कई शास्त्रीय संगीतकार पूर्वी राजस्थान की रियासतों में शरण लेने आ गए थे।
कारण (R): इसी ऐतिहासिक घटना के परिणामस्वरूप भरतपुर, करौली और सवाई माधोपुर क्षेत्र में 'टालबंदी' (Talbandi) नामक लोक गायन शैली का विकास हुआ, जिसमें शास्त्रीय पुट होता है।
उपर्युक्त के संदर्भ में सही विकल्प का चयन कीजिए:
Q.16: 'मांड' (Maand) गायकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा असत्य है?
Q.17: मारवाड़ का वह लोकगीत कौन-सा है जो किसी वीर पुरुष की मृत्यु पर, विशेषकर युद्ध भूमि में वीरगति प्राप्त करने पर, शोक और उनकी वीरता के मिश्रण के रूप में गाया जाता है?
Q.18: निम्नलिखित में से कौन-सा लोकगीत भील जनजाति की उस महिला द्वारा गाया जाता है जिसका पति काम के लिए परदेस (अन्यत्र) गया हुआ है?
Q.19: राजस्थानी लोकगीतों के विषयों को उनके अर्थ से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (लोकगीत):
1. कामण
2. सीठणे
3. ओळ्यूं (कोयलड़ी)
4. पावणा
सूची-II (विषय/अवसर):
i. विवाह के समय गाए जाने वाले गाली गीत
ii. बेटी की विदाई के समय गाया जाने वाला गीत
iii. वर को जादू-टोने से बचाने हेतु गाया जाने वाला गीत
iv. दामाद के ससुराल आगमन पर गाया जाने वाला गीत
कूट:
Q.20: 'लांगुरिया' लोकगीत राजस्थान के किस क्षेत्र और किस देवी/देवता की आराधना से मुख्य रूप से जुड़ा हुआ है?
Q.21: 'मुमल' लोकगीत के बारे में सत्य कथनों का चयन करें:
1. यह जैसलमेर क्षेत्र का सर्वाधिक लोकप्रिय गीत है।
2. मुमल लोद्रवा (जैसलमेर) की राजकुमारी थी, जिसका प्रेम प्रसंग अमरकोट (सिंध) के राणा महेंद्र के साथ था।
3. यह एक शृंगारिक गीत है, जिसमें मुमल के नख-शिख (सौंदर्य) का वर्णन किया जाता है।
कूट:
Q.22: राजस्थान में दीपावली के अवसर पर मेवाड़ क्षेत्र (मुख्यतः नाथद्वारा/कांकरोली) में गुर्जर और अहीर जातियों द्वारा गाया जाने वाला लोकगीत कौन-सा है, जिसमें दीये हाथ में लेकर सामूहिक गायन होता है?
Q.23: पश्चिमी राजस्थान में विरहणियों द्वारा अपने प्रियतम को संदेश भिजवाने हेतु किस पक्षी को संबोधित करते हुए एक अत्यंत मार्मिक लोकगीत गाया जाता है?
Q.24: मारवाड़ क्षेत्र में होली के अवसर पर कन्याओं द्वारा गाया जाने वाला 'घुड़ला' लोकगीत किस ऐतिहासिक घटना से संबंधित है?
Q.25: कथन (A): राजस्थान में 'ढोली' और 'मिरासी' जातियों को लोक संगीत के पेशेवर गायकों के रूप में जाना जाता है।
कारण (R): ऐतिहासिक रूप से राजपूत शासकों और सामंतों ने अपनी वंशावलियों का गुणगान करने और मांगलिक अवसरों पर गायन हेतु इन जातियों को जागीरें प्रदान कर संरक्षित किया था।
Q.26: कथन (A): राजस्थान के लोकगीतों में उच्च स्वर, खुले गले की आवाज़ और लंबी तान की प्रधानता होती है।
कारण (R): मरुस्थलीय और खुले भौगोलिक परिवेश के कारण एक ढाणी से दूसरी ढाणी या दूर तक आवाज़ पहुँचाने की आवश्यकता ने राजस्थानी गायकी की इस शैली को जन्म दिया।
Q.27: राजस्थान के लोक संगीत में प्रचलित विभिन्न लोकगीतों और उनके संबंधित क्षेत्रों की सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (लोकगीत):
1. मूमल
2. ढोला-मारू
3. बिछियो
4. रसिया
सूची-II (संबंधित क्षेत्र/जिला):
i. सिरोही एवं जालोर
ii. जैसलमेर
iii. भरतपुर-धौलपुर
iv. मेवाड़ (पर्वतीय क्षेत्र)
कूट:
Q.28: निम्नलिखित लोक गायकों और उनकी गायन विधा का कौन-सा युग्म सुमेलित है?
Q.29: लोक संगीत की जातियों और उनके प्रमुख वाद्य यंत्रों का सही सुमेलन चुनिए:
1. लंगा जाति
2. कामड़ जाति
3. भोपा जाति
4. कालबेलिया जाति
सूची-II:
i. तंदूरा (चौतारा)
ii. सिंधी सारंगी / अलगोजा
iii. पूंगी / खंजरी
iv. रावणहत्था / जंतर
कूट:
Q.30: 'मरिया' (Mariya) या 'मोरिया' (Moriya) लोकगीत राजस्थान की किस सामाजिक स्थिति का मार्मिक चित्रण करता है?
Q.31: अलवर और भरतपुर क्षेत्र के 'जोगी' (मेवाती जोगी) किस वाद्य यंत्र के साथ भरतरी (भर्तृहरि) और गोपीचंद की कथाओं के लोकगीत गाते हैं?
Q.32: सूची-I (लोकगीत) को सूची-II (विशेषता/अवसर) से सुमेलित कीजिए:
1. बधावा
2. सीटणे
3. दुपट्टा
4. झुरवा (झूरावा)
सूची-II:
i. दूल्हे की सालियों द्वारा गाया जाने वाला गीत
ii. किसी भी शुभ कार्य के संपन्न होने पर गाया जाने वाला गीत
iii. जैसलमेर क्षेत्र का विरह गीत
iv. विवाह में गाए जाने वाले गाली गीत
कूट:
Q.33: सूची-I (मांड गायिका) को सूची-II (संबंधित जिला) से सुमेलित कीजिए:
1. अल्लाह जिलाई बाई
2. गवरी बाई
3. मांगी बाई
4. बन्नो बेगम
सूची-II:
i. जयपुर
ii. प्रतापगढ़ / उदयपुर
iii. डूंगरपुर
iv. बीकानेर
कूट:
Q.34: कथन (A): मध्यकाल में जब राजपूत शासक (जैसे महाराणा प्रताप, राव चंद्रसेन) मुगलों के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे, तब चारण और भाट कवियों ने लोक संगीत में 'सिंधु' और 'मारू' रागों का प्रचुर प्रयोग किया।
कारण (R): सिंधु और मारू रागों की प्रकृति वीर रस प्रधान होती है, जो सैनिकों में युद्ध भूमि में अदम्य साहस और उत्साह का संचार करती थी।
Q.35: राजपूताने में चारण, भाट और राव जातियों द्वारा अपने आश्रयदाता शासकों की कीर्ति, युद्ध कौशल और वंशावली का गान करने वाली काव्य-संगीत शैली क्या कहलाती थी?
Q.36: "सपेरा" या 'कालबेलिया' जाति की महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले लोकगीतों के संबंध में 'इण्डोणी', 'पणिहारी', 'शंकरिया' और 'बागड़िया' क्या हैं?
Q.37: मध्यकालीन राजपूताना में शासकों द्वारा संगीत को दिए गए संरक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित ग्रंथों को उनके रचनाकार शासकों/विद्वानों के कालक्रमानुसार (पहले से बाद के क्रम में) व्यवस्थित कीजिए:
1. संगीत राज (महाराणा कुंभा)
2. राधा-गोविंद संगीत सार (सवाई प्रताप सिंह के संरक्षण में)
3. अनूप संगीत विलास (महाराजा अनूप सिंह के संरक्षण में)
Q.38: जैसलमेर और बाड़मेर क्षेत्र में मुस्लिम लोक गायकों की 'मांगणियार' जाति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ये मूलतः सिंधी मुसलमानों की एक जाति है जो राजपूत यजमानों के यहाँ लोक संगीत गाती है।
2. इनका मुख्य वाद्य यंत्र 'कमायचा' और 'खड़ताल' है।
3. इनके द्वारा गाए जाने वाले लोकगीतों में मुख्य रूप से 'छह राग और छब्बीस रागनियों' का प्रयोग होता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
Q.39: जयपुर राजघराने के किस शासक ने संगीतज्ञों, कलाकारों और गुणीजनों को आश्रय देने के लिए 'गुणीजन खाना' (Gunijan Khana) नामक विभाग की स्थापना की थी?
Q.40: 'घूघरी', 'केवड़ा' और 'कूद' किस क्षेत्र के स्थानीय लोकगीत हैं?
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